STAND UP BHARAT
सम्युक्तम सेवा परमो धर्म:
स योगी ब्रह्मभूतोऽधिगच्छति
समता से युक्त होकर प्रकृति, राष्ट्र, समाज की सेवा करना ही मनुष्य का परम धर्म है। इस प्रकार जो योगी भौतिक विषयों से सम्बन्ध का त्याग करता है, उसको ब्रह्म की प्राप्ति होती है।
विचारक : विवेक गोयल

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