हिन्दू राष्ट्र के उत्कर्ष में स्वयंसेवक की महत्वपूर्ण भूमिका हिन्दू राष्ट्र की सेवा करने वाला, हर व्यक्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक हिन्दू राष्ट्र की विचारधारा का अनुयायी, और उसका पालन करने वाला होता है। हिन्दू राष्ट्र के प्रति अपने कर्त्तव्यों का पालन करना, राष्ट्रीय स्वयंसेवक अपना दायित्व मानता है, और उसके लिये अग्रसर […]
और पढ़ेंविश्व में केवल एक ही राष्ट्र है – वह है हिन्दू राष्ट्र! विश्व के जिस भौगोलिक क्षेत्र के निवासी हिन्दुत्व विचारधारा का अनुसरण करते है, वह क्षेत्र हिन्दू राष्ट्र है। राष्ट्र उस समाज से बनता है, जो सृष्टि, प्रकृति और मनुष्यो के प्रति एक समावेशी विचारधारा रखता है। और समावेशी विचारधारा रखने वाला समाज […]
और पढ़ेंहिन्दुत्व एक विचारधारा है, जो कभी किसी पंथ, समुदाय, संस्कृति, परम्परा, भाषा, देश और काल को लेकर मनुष्य में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करती। सभी को समभाव से देखना, यह हिन्दुत्व का प्रमुख सिद्धांत है। प्रकृति, प्रकृति के प्राणीं, एवं पर्यावरण के प्रति प्रभुत्व का भाव हिन्दुत्व विचारधारा में नहीं है। यह ही कारण है […]
और पढ़ेंअहिंसा ही मनुष्य का परम धर्म (कर्तव्य) है। अहिंसा का मनुष्य का व्यक्तिगत भाव है ही मनुष्य का परम धर्म (कर्तव्य) है। परन्तु समाज, के लिये यह उपयुक्त भाव नहीं है। अधर्मी को दण्डित करना समाज का कर्तव्य है। किसी प्रकार की हिंसा को न करना अहिंसा है। एक मनुष्य अन्य मनुष्य पर हिंसा […]
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